दुखी मन
ख्वाबों को सजा
ज़रा इतरा
सुरमा ख़ुशी का लगा
जस का तस बादलो में फ़सा
अटका सा
अरमान अब तू सजा
दुखी मन
ख्वाबों को सजा
लाइयां नौनिहाल सी ख़ुशी
फिर तू उमंग से भर जा
झरोखें से झांकती हुई सी
कुछ ख़्वाब तू सजा
नज़रो को उठा
कुछ ख्वाब तो सजा
दुखी मन
ख्वाबों को सजा
तिनको को सुखा कर
सुख सागर सा बन जा
तरैयाँ छटे
मेघ से पटे
बारिश की बूंदो सा
अहसास तू दे जा
दुखी मन
ख्वाबो को सजा
नशा सा मदमस्त
बादलो से ढका
चऊ और तू झा सा जा
दुखी मन
ख्वाबों को सजा
टुकड़े जो टूटे हुए से
बिखरे गमो को बता
दास्तान दरपण की नहीं
लबो से रूह तक तू ठहर जा
दुखी मन
अब तोह तू ख्वाबों को सजा

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